Featured Post
- Get link
- X
- Other Apps
आपके फोन में हैं ये Privacy-Protection Tools, जानिए कैसे करना है इस्तेमाल और कैसे मिलेगी सुरक्षा
क्या आप भी अपने डेटा को लेकर चिंतित रहते हैं। सोच-सोचकर परेशान रहते हैं कि मोबाइल ऐप्स और वेबसाइट्स उस डेटा को कैसे यूज करती हैं? अगर हां, तब आप अपने स्मार्टफोन्स में कुछ प्राइवेसी प्रोटेक्शन टूल्स (Privacy-Protection Tools) की मदद से इस डर को बहुत हद तक कम कर सकते हैं।
हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि जब आप वेब ट्रैकर्स और लोकेशन इन-फॉर्मेशन को ब्लॉक कर देते हैं, तब फ्री ऐप्स दूसरी तरह से काम करने लगती हैं। पर अगर आप अपनी सूचना/डेटा पर और अधिक नियंत्रण चाहते हैं, तब आप इन तरीकों से मदद पा सकते हैं:
लोकेशन: ड्राइविंग के दौरान दिशा बताने के लिहाज से आपके फोन की लोकेशन सर्विसेज बहुत महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, आईओएस (ऐप्पल आईफोन का ऑपरेटिंग सिस्टम) और एंड्रॉयड आपको अधिक प्राइवेसी के मद्देनजर इस चीज की सुविधा देता है कि आप सिर्फ उसी स्थान को शेयर करें, जिसे आप साझा करना चाहते हों।
आईओएस 15 डिवाइस पर प्राइवेसी मीन्यू में ‘लोकेशन सर्विसेज’ पर जाएं, जहां आपको “सिस्टम सर्विसेज” पर टैप करना होगा। आप यहां से लोकेशन सर्विसेज को इनेबल और डिसेबल कर सकते हैं। साथ ही थर्ड पार्टी ऐप्स (गूगल सॉफ्टवेयर भी शामिल) को कंट्रोल भी कर सकते हैं। एंड्रॉयड 12 वाले स्मार्टफोन्स में आप यह चीज सेटिंग्स में “लोकेशन” के तहत पा सकते हैं।
ऐप्स एंड ऐड्सः जब आपका कोई ऐप आपकी ऑनलाइन ऐक्टिविटी को मॉनिटर करना चाहती है, तब आईओएस 15 में ऐप्पल का ऐप ट्रैकिंग ट्रांसपेरेंसी फीचर आपको इस बारे में चेताता है। आप इसके अलावा ऐप्पल ऐडवर्टाइजिंग एरिया में जाकर ऐड्स (विज्ञापन) ऑफ भी कर सकते हैं। वहीं, जिन ऐप्स को आप हाल-फिलहाल में इस्तेमाल नहीं करते, ऐंड्रॉयड अपने आप उन ऐप्स के लिए परमिशंस को ऑफ कर देता है। पर आप ‘सेटिंग्स’ में जाकर प्राइवेसी ऑप्शन के तहत जाकर इसे एक्सेस कर सकते हैं।
वेबः सफारी की प्राइवेट ब्राउंजिंग और गूगल क्रोम का इनकॉग्निटो मोड आपके सर्फिंग सेशन को स्टोर नहीं करता। पर ये ब्राउजर ट्रैकर के खिलाफ उतने भी कारगर नहीं हैं। ऐप्पल का सफारी ब्राउजर इस तरह की ट्रैकिंग ब्लॉक करने का टूल देता है, जो कि सेटिंग्स में ‘सफारी’ पर जाने के बाद ‘प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी’ के तहत मिलता है।
मेलः कुछ मैसेजों में विज्ञापनदाता ‘ट्रैकिंगपिक्सल’ का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक किस्म की छोटी सी इमेज होती है, जो कि छिपी होती है। कहा जाता है कि जब भी यूजर मैसेज को खोलता है, तब यह उसे भेजने वाले को रिपोर्ट करती है। मतलब उसे इस बारे में जानकारी देती है। आईओएस 15 में इस तरह के मेल ट्रैकर को ब्लॉक करने के लिए टूल है, जो कि सेटिग्स में जाकर मेल सेक्शन में इनेबल किया जा सकता है।
ऐंड्रॉयड या फिर आईओएस पर जीमेल ऐप में आप तस्वीरों को ऑटोमैटिकली लोड होने से रोक सकते हैं। सेटिंग्स में जाकर आप अपने अकाउंट नेम पर टैप करें। फिर “इमेजेज़” एरिया में “आस्क बिफोर डिस्प्लेइंग एक्सटरनल इमेजेस…” ऑप्शन को चुन लें।
The post आपके फोन में हैं ये Privacy-Protection Tools, जानिए कैसे करना है इस्तेमाल और कैसे मिलेगी सुरक्षा appeared first on Jansatta.
from टेक्नोलॉजी – Jansatta https://ift.tt/3tRjigx
via IFTTT
Popular Posts
Redmi 10A launched with MediaTek Helio G25 SoC, 6.53-inch display: Check details
- Get link
- X
- Other Apps
Realme M1 Sonic Electric Toothbrush launching on September 3 in India
- Get link
- X
- Other Apps
Comments
Post a Comment
add